वेब सीरीज CriminalJustice4 में मीडिया को किया बेइज्जत, जगह जगह अपशब्दों का उपयोग

लखनऊ: सीरीज में पत्रकारों को ‘गिद्ध’, ‘दो कौड़ी का रिपोर्टर’ और ‘मीडिया का सर्कस’ जैसे अपमानजनक शब्दों से नवाजा गया है, जिससे पत्रकारों, विशेष रूप से मनोरंजन पत्रकारिता से जुड़े लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

पत्रकारों को गैरजिम्मेदार दिखाया

सीरीज की कहानी में पत्रकारों को सनसनीखेज और गैर-जिम्मेदाराना ढंग से पेश किया गया है। एक दृश्य में किरदार कहता है, “गिद्ध के सामने मांस का लोथड़ा डाला और उसने लपक लिया,” जो मीडिया की छवि को नकारात्मक रूप से चित्रित करता है। इस तरह की भाषा और चित्रण को देखकर फिल्मी पत्रकारिता से जुड़े कई पत्रकारों ने सवाल उठाया है कि आखिर मनोरंजन उद्योग, जो प्रचार के लिए मीडिया पर निर्भर रहता है, वह उसी मीडिया को अपमानित क्यों कर रहा है?
वरिष्ठ मनोरंजन पत्रकार ज्ञानेंद्र शुक्ल ने कहा, “यह दुखद है कि जिस मीडिया के बिना कोई फिल्म या सीरीज दर्शकों तक नहीं पहुंच सकती, उसे इस तरह नीचा दिखाया जा रहा है। अगर प्रमोशन के लिए हमारी जरूरत है, तो फिर स्क्रीन पर ऐसी कुंठा क्यों दिखाई जा रही है?” उन्होंने सुझाव दिया कि पत्रकारों को क्रिमिनल जस्टिस 4 के कलाकारों, खासकर पंकज त्रिपाठी जैसे सितारों से इस मुद्दे पर सवाल करना चाहिए।

सीरीज में जानबूझकर मीडिया को निशाना बनाया गया
कई पत्रकारों का मानना है कि यह सीरीज जानबूझकर मीडिया को निशाना बना रही है ताकि दर्शकों के बीच सनसनी पैदा की जा सके। सोशल मीडिया पर भी #CriminalJustice4 के खिलाफ आवाज उठ रही है, जहां पत्रकारों ने इसे ‘हिपोक्रेसी’ करार दिया है। एक ट्वीट में लिखा गया, “प्रमोशन के लिए रेड कार्पेट पर मुस्कुराते हैं, लेकिन स्क्रिप्ट में हमें विलेन बनाते हैं। यह दोहरा रवैया बंद होना चाहिए।”
हालांकि, कुछ का मानना है कि यह सिर्फ कहानी का हिस्सा है और इसे व्यक्तिगत रूप से नहीं लेना चाहिए। लेकिन पत्रकार समुदाय इसे अपनी छवि पर हमला मान रहा है। अब सवाल यह है कि क्या क्रिमिनल जस्टिस 4 की टीम इस विवाद पर सफाई देगी?